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Monday, 5 November 2018

दीपावली


फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे
खुशियों का अंबार लेकर,
सबको प्यार देने लक्ष्मी आई रे
पैसों का अंबार लेकर,
सबको सुख शांति देने लक्ष्मी आई रे
फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे।

एक साल में एक दिन इसे मनाया जाए
क्योंकि इस दिन लक्ष्मी का आगमन हो जाए
पूरे साल इसका इंतजार किया जाए
फिर उस दिन के बाद लक्ष्मी चली जाए
फिर से एक साल लक्ष्मी का इंतजार किया जाए
फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे

बाजार में रौनकें लेकर दीवावली आई रे
इससे पहले घरों-कार्यालयों में मरम्मत हो
सबकी आस्था हो, ताकि लक्ष्मी का आगमन हो,
घर-घर पैसा लेकर लक्ष्मी आई रे।
फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे।

सबको कॉल घुमाव, सन्देश छोड़ो
बधाइयां बांटों, मिठाइयां बांटों
घर-घर दीया जलाओ
मन से मन में दीया जलाओ
लक्ष्मी का आगमन धूमधाम से कराओ
क्योंकि
फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे।

उस दिन प्रकाश का होगा अद्भुत मुहूर्त
मन से मन में ख़ुशियों बंटने से,
बदलेगी विश्व मे भारत की सूरत
सबके आशीर्वाद से ।
होगा नई पहल का मुहूर्त
क्योंकि,
फिर से दीपावली आई रे, लक्ष्मी आई रे।

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